बिरला टेक्निकल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (BTTI), पिलानी में संस्थान के संस्थापक स्वर्गीय श्री बसंत कुमार बिरला जी की 105वीं जयंती एवं युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद जी की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित राष्ट्रीय युवा सप्ताह, बी.के. बिरला मेमोरियल तकनीकी एवं व्यावसायिक कौशल प्रदर्शनी तथा खेलकूद प्रतियोगिताओं का समापन गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।
समापन समारोह में आईटीआई एवं डिप्लोमा विद्यार्थियों द्वारा निर्मित तकनीकी मॉडल, नवाचार आधारित प्रोजेक्ट्स एवं कार्यशील प्रयोगों का प्रदर्शन किया गया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों एवं खेलकूद प्रतियोगिताओं के विजेताओं को प्रमाण पत्र एवं ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया गया। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत प्रोजेक्ट्स में तकनीकी समझ, नवाचार क्षमता और व्यावहारिक कौशल का प्रभावशाली प्रदर्शन देखने को मिला।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बी.के. बिरला ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के निदेशक प्रो. बी.के. राउत ने प्रदर्शनी का निरीक्षण करते हुए कहा कि संस्थान में तैयार किए जा रहे ये प्रोजेक्ट्स युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा के माध्यम से स्वरोजगार अपनाने एवं भविष्य में रोजगार सृजनकर्ता बनने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर उन्होंने विजेता छात्र-छात्राओं को सम्मानित भी किया।
आईटीआई वर्ग में एक्सरसाइज मशीन को प्रथम स्थान, सेंसर आधारित स्वचालित पौध सिंचाई प्रणाली को द्वितीय स्थान तथा इलेक्ट्रिशियन ट्रेड द्वारा निर्मित सौर मंडल मॉडल को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। डिप्लोमा विभाग में भी विभिन्न शाखाओं के श्रेष्ठ प्रोजेक्ट्स को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्रदान किए गए।
संस्थान के प्राचार्य श्री मनोज कुमार गौर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वर्गीय बसंत कुमार बिरला जी एवं स्वामी विवेकानंद जी का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने विद्यार्थियों से उनके आदर्शों को अपनाकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
आईटीआई इंचार्ज प्राचार्य श्री नरेंद्र शर्मा ने स्वामी विवेकानंद जी के जीवन से जुड़े प्रसंगों का उल्लेख करते हुए बताया कि किस प्रकार शिकागो धर्म सभा में उनके ऐतिहासिक उद्बोधन ने भारतीय संस्कृति और जीवन दर्शन को वैश्विक पहचान दिलाई। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे कौशल विकास प्रशिक्षण के माध्यम से समाज और देश की प्रगति में अपनी भूमिका निभाएं।
मुख्य अतिथि प्रो. बी.के. राउत ने अपने संबोधन में स्वामी विवेकानंद जी के झुंझुनूं जिले से जुड़े संबंधों को भी रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि खेतड़ी के महाराज अजीत सिंह जी के सहयोग से स्वामी विवेकानंद जी की अमेरिका यात्रा संभव हुई तथा उन्हीं के प्रयासों से उन्हें “विवेकानंद” नाम मिला। उन्होंने यह भी बताया कि स्वामी विवेकानंद जी की प्रेरणा से ही जमशेदजी टाटा ने बेंगलुरु में भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) की स्थापना की।
श्री नरेंद्र शर्मा ने जानकारी दी कि प्रदर्शनी के दौरान 12 राजकीय एवं निजी विद्यालयों के 497 विद्यार्थियों एवं 70 से अधिक शिक्षकों ने संस्थान का भ्रमण किया। विद्यार्थियों ने तकनीकी शिक्षा एवं कौशल आधारित पाठ्यक्रमों को लेकर विशेष रुचि दिखाई।
इस अवसर पर डिप्लोमा उपप्राचार्य निरंजन शर्मा, आईटीआई उपप्राचार्य विपिन कुमार वर्मा, विभिन्न विभागाध्यक्ष, व्याख्याता, अनुदेशक तथा संस्थान का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।
प्रदर्शनी ने विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान, नवाचार और कौशल विकास के लिए एक प्रभावी मंच प्रदान किया, जो राष्ट्रीय युवा सप्ताह की भावना के अनुरूप युवाओं में आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करता है।


