बिरला तकनीकी प्रशिक्षण संस्थान (बीटीटीआई), पिलानी के आईटीआई अनुभाग में सत्र 2026-27 एवं 2026-28 के लिए विभिन्न व्यवसायों में प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। संस्थान को भारत सरकार द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर देश में तृतीय एवं राजस्थान में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है, जो शेखावाटी क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है।
संस्थान की स्थापना वर्ष 1985 में देश के सुप्रसिद्ध उद्योगपति स्वर्गीय श्री बसंत कुमार बिड़ला द्वारा की गई थी। वर्तमान में संस्थान में 8 रोजगारपरक व्यवसाय संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें प्रमुख रूप से शीतलन एवं वातानुकूलन तकनीशियन, विद्युतकार, इलेक्ट्रॉनिक्स मैकेनिक, फिटर, वेल्डर, डीजल मैकेनिक, आशुलिपिक (अंग्रेजी) तथा कंप्यूटर ऑपरेटर एवं प्रोग्रामिंग सहायक शामिल हैं। सभी कोर्स एनसीवीटी नई दिल्ली भारत सरकार एवं डायरेक्टरेट ऑफ टेक्निकल एजुकेशन बोर्ड जोधपुर राजस्थान सरकार से मान्यता प्राप्त हैं।
संस्थान प्रशासन के अनुसार आईटीआई पाठ्यक्रमों की अवधि 1 वर्ष एवं 2 वर्ष है। प्रवेश के लिए न्यूनतम योग्यता 10वीं उत्तीर्ण निर्धारित की गई है, जबकि वेल्डर व्यवसाय में 8वीं उत्तीर्ण अभ्यर्थी भी प्रवेश ले सकते हैं। साथ ही अभ्यर्थी की आयु 1 सितम्बर तक कम से कम 14 वर्ष होना अनिवार्य है।
प्रिंसिपल इंचार्ज श्री नरेंद्र शर्मा ने बताया कि आईटीआई पाठ्यक्रम लड़कों के साथ-साथ लड़कियों के लिए भी रोजगार के उत्कृष्ट अवसर प्रदान करते हैं। वर्तमान समय में तकनीकी क्षेत्र में प्रशिक्षित युवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है। रेलवे, बिजली बोर्ड, डीआरडीओ, इसरो, भेल, सेल सहित विभिन्न सरकारी विभागों में तकनीकी पदों पर नियुक्ति के अवसर उपलब्ध हैं, वहीं निजी क्षेत्र में होटल, कार्यालय, मॉल, अस्पताल, हवाई अड्डे, रेलवे स्टेशन, बस डिपो, कारखानों एवं शीत भंडारों में भी तकनीकी पदों पर रोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध हैं।
इसके अतिरिक्त आईटीआई उत्तीर्ण विद्यार्थी स्वरोजगार स्थापित कर आत्मनिर्भर बन सकते हैं।
संस्थान प्रशासन ने बताया कि प्रवेश 10वीं के अंकों के अनुसार किए जा रहे हैं। सीमित सीटों के कारण इच्छुक अभ्यर्थियों को शीघ्र आवेदन करने की सलाह दी गई है। अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी संस्थान से संपर्क कर सकते हैं।
